Bone & Jointविमान नगर स्थित हमारे क्लिनिक में मरीज़ जिन शिकायतों को लेकर सबसे ज़्यादा आते हैं, उनमें घुटने का दर्द सबसे ऊपर है — और सबसे ज़्यादा ग़लत समझी जाने वाली शिकायतों में भी। एक ही जोड़ 30, 50 और 70 की उम्र में बिल्कुल अलग-अलग वजहों से दुख सकता है, और एक उम्र की समस्या का इलाज दूसरी उम्र के नुस्खे से करने का नतीजा आमतौर पर निराशा ही होता है।
हड्डी रोग (ऑर्थोपीडिक) की 35 साल की प्रैक्टिस में मैंने यही पाया है कि जो मरीज़ समझ लेते हैं कि उनकी उम्र में घुटने के दर्द का आम मतलब क्या होता है, वे ज़्यादा शांत और समझदार फ़ैसले लेते हैं। तो पेश है एक ईमानदार, उम्र-वार मार्गदर्शिका — घुटना बदलने की सर्जरी पर दो टूक बात समेत।
इस उम्र में जोड़ की सतहें आमतौर पर स्वस्थ होती हैं, इसलिए दर्द अक्सर घुटने के आसपास के कोमल ऊतकों से आता है। आम वजहों में शामिल हैं — खेल या टू-व्हीलर की दुर्घटना से लिगामेंट (Ligament) में खिंचाव, अचानक मुड़ने पर मेनिस्कस (Meniscus) यानी जोड़ की गद्दी का फटना, और सीढ़ियां चढ़ते समय या दफ़्तर की कुर्सी पर लंबे घंटों के बाद उभरने वाला घुटने की टोपी का दर्द। अचानक शुरू किया नया जिम रूटीन, सख़्त सड़कों पर लंबी दौड़ और तेज़ी से बढ़ा वज़न — ये सब आम ट्रिगर हैं।
हौसला देने वाली बात यह है कि इनमें से ज़्यादातर समस्याएं थोड़े आराम, बर्फ़ की सिकाई, साधारण दर्द-राहत और — सबसे ज़रूरी — जांघ की मांसपेशियों को मज़बूत करने वाली फ़िज़ियोथेरेपी (Physiotherapy) से ठीक हो जाती हैं। इस दशक में सर्जरी की बात शायद ही कभी उठती है, कुछ ख़ास खेल-चोटों को छोड़कर।
50 का दशक अक्सर वह समय है जब शुरुआती ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) यानी घिसाव वाला गठिया अपनी आमद दर्ज कराता है — सुबह की जकड़न जो चलने-फिरने से खुल जाती है, लंबी सैर या सीढ़ियों के बाद दर्द, और शाम तक हल्की सूजन। शरीर का वज़न, पुरानी चोटें, डायबिटीज़ और पारिवारिक इतिहास — सबकी अपनी भूमिका है। पर याद रखिए, कई घुटने एक्स-रे (X-ray) में घिसे हुए दिखते हैं फिर भी बिल्कुल ठीक महसूस होते हैं — इसलिए हम रिपोर्ट का नहीं, इंसान का इलाज करते हैं।
क़दम उठाने के लिए यही दशक सबसे क़ीमती है। जांघ की क्वाड्रिसेप्स (Quadriceps) मांसपेशियों की नियमित कसरत, वज़न घटाना और गतिविधियों में छोटे-छोटे बदलाव — गहरी उठक-बैठक और ज़मीन पर बैठना कम, पैदल चलना, तैराकी या साइकिल ज़्यादा — गठिया वाले घुटने को सालों तक आरामदेह रख सकते हैं। इस अवस्था में घुटना बदलने की सर्जरी लगभग कभी भी सही पहला क़दम नहीं होती।
70 तक आते-आते कार्टिलेज (Cartilage) का कुछ घिसाव लगभग सबमें मिलता है, इसलिए असली सवाल यह नहीं कि एक्स-रे क्या दिखाता है, बल्कि यह है कि घुटना आपकी ज़िंदगी को कितना सीमित करता है। अगर आप बाज़ार तक पैदल जा पाते हैं, धीरे-धीरे सीढ़ियां संभाल लेते हैं और रात भर सो पाते हैं, तो निगरानी में कसरत, कभी-कभार दवाएं और ज़रूरत पड़ने पर छड़ी — शायद इतना ही काफ़ी है। लेकिन अगर दर्द आपको रात में जगा देता है, टांग टेढ़ी होती जा रही है, या आपकी दुनिया सिमटकर एक कमरे तक रह गई है, तो अब गहरी चर्चा का समय आ गया है।
घुटना बदलना — नी रिप्लेसमेंट (Knee Replacement) — सचमुच ज़िंदगी बदल सकता है, बशर्ते घुटना सही हो और मरीज़ सही। इस पर विचार तब बनता है जब बढ़ा हुआ गठिया कई महीनों के सच्चे बिना-सर्जरी इलाज के बावजूद लगातार दर्द, रात का दर्द और टेढ़ापन दे रहा हो। यह शुरुआती गठिया का जवाब नहीं है, न उस घुटने का जिसे फ़िज़ियोथेरेपी का ठीक से मौक़ा ही नहीं मिला, और न ही एक्स-रे में दिखी उस बात का जो असल में आपको परेशान ही नहीं कर रही। जब सर्जरी वाक़ई ज़रूरी होती है, तो हम उसे अपने मान्यता प्राप्त पार्टनर अस्पतालों में करते हैं, जबकि सारे परामर्श, योजना और फ़ॉलो-अप क्लिनिक में ही होते हैं।
हर दुखते घुटने का स्कैन ज़रूरी नहीं। जांच — और आमतौर पर एक्स-रे — तब समझदारी है जब दर्द किसी चोट के बाद हो और साथ में सूजन हो, जब आराम के बावजूद दर्द दो से तीन हफ़्तों से ज़्यादा खिंच चुका हो, जब घुटना टेढ़ा दिखे या अचानक साथ छोड़ दे, या जब आपकी उम्र 50 से ऊपर हो और लक्षण बने हुए हों। एमआरआई (MRI) केवल तभी जोड़ा जाता है जब कोमल ऊतकों की चोट का शक हो — रूटीन के तौर पर नहीं।
आप जिस भी दशक में हों, समझदारी भरी घरेलू देखभाल ज़्यादातर घुटनों को संभलने का पूरा मौक़ा देती है। पहली सूची को अपनी रोज़ की आदत बनाइए — और दूसरी को आपात स्थिति मानिए, ख़ासकर बुख़ार के साथ गर्म, सूजा हुआ घुटना, जो जोड़ के अंदर संक्रमण का संकेत हो सकता है और जिसे उसी दिन दिखाना ज़रूरी है।
अगर घुटना आपको परेशान कर रहा है, तो एक ठीक से की गई जांच इंटरनेट की किसी भी खोज से कहीं ज़्यादा बता देती है। हमारे हड्डी रोग विशेषज्ञ विमान नगर, पुणे स्थित क्लिनिक में हफ़्ते के सातों दिन परामर्श देते हैं — पुरानी रिपोर्टें हों तो साथ ले आइए, न हों तो बस अपने सवाल ले आइए।
यह लेख सामान्य सेहत की जानकारी के लिए है, आपकी निजी मेडिकल सलाह नहीं। अपने लिए सही मार्गदर्शन के लिए कृपया किसी योग्य डॉक्टर से मिलें — हमारी टीम सातों दिन +91 70287 22200 पर उपलब्ध है।
About the author

Dr. Girishchandra Bartakke
MBBS, MS (Orthopaedics) · Orthopedist, 35+ years' experience
Orthopedic and joint replacement surgeon with 35 years of practice, from fracture care and sports injuries to knee and hip replacement consultations.
Consulting at Prudent International Health Clinic, Viman Nagar, Pune
पहला क़दम उठाइए
प्रुडेंट क्लिनिक, विमान नगर, पुणे में कंसल्ट करते हैं।