तकिए पर मुट्ठी भर बाल, चौड़ी होती जा रही माँग, हर बार सिर धोने के बाद बालों से भरी नाली, बाल झड़ने की परेशानी लेकर लोग मेरे पास सचमुच व्यथित होकर पहुँचते हैं, अक्सर महीनों तक तेल, सीरम और शैम्पू आज़माने के बाद। उनसे मेरी पहली बात यही होती है: बाल आपकी समग्र सेहत का बैरोमीटर हैं। काम का सवाल यह नहीं कि 'कौन-सा प्रोडक्ट ख़रीदूँ?', बल्कि यह है कि 'मेरे बाल आख़िर झड़ क्यों रहे हैं?'
कितने बाल झड़ना सामान्य है
रोज़ कुछ बाल गिरना बालों के प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है, पुराने बाल नए बालों के लिए जगह बनाते हैं, और मौसम बदलने पर कई लोगों को कुछ ज़्यादा झड़न महसूस होती है। ध्यान देने की ज़रूरत तब है जब झड़ना कई हफ़्तों तक तेज़ बना रहे, चोटी साफ़ पतली लगने लगे, माँग चौड़ी होने लगे या सिर की त्वचा दिखाई देने लगे। उस मोड़ पर एक और शैम्पू नहीं, बल्कि जाँच आपके ज़्यादा काम आएगी।
पोषण: सबसे आम वजह
रोज़मर्रा की प्रैक्टिस में बाल झड़ने के पीछे सबसे ज़्यादा जो चीज़ें मिलती हैं, वे पोषण से जुड़ी हैं: शरीर में आयरन का कम भंडार, अपर्याप्त प्रोटीन, और विटामिन B12 व विटामिन D की कमी। प्रोटीन में हल्का शाकाहारी खान-पान, माहवारी में ज़्यादा रक्तस्राव और क्रैश डाइटिंग इसके नियमित कारण हैं। जीव-विज्ञान की नज़र में बाल कोई अनिवार्य ऊतक नहीं हैं, जब कच्चे माल की कमी पड़ती है, तो शरीर सबसे पहले बालों पर ही कटौती करता है। दाल, अंडे, पनीर और अंकुरित अनाज जैसे प्रोटीन-भरपूर आहार, और जाँच में मिली कमियों को दूर करना, ये महँगे सीरम से कहीं ज़्यादा असर दिखाते हैं। एक सावधानी: बिना ब्लड टेस्ट के ख़ुद से आयरन शुरू न करें, क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा आयरन अपने नुक़सान साथ लाता है।
थायरॉइड, हार्मोन, तनाव और आनुवंशिकता
थायरॉइड (Thyroid) का असंतुलन, ग्रंथि कम सक्रिय हो या ज़्यादा, बालों में बहुत पहले झलक जाता है, अक्सर तब, जब किसी को शक भी नहीं होता। हार्मोन के बदलाव भी मायने रखते हैं: युवा महिलाओं में पीसीओएस (PCOS), प्रसव के बाद के महीने, और मेनोपॉज़ के आस-पास के वर्ष। कोई बड़ा तनाव या बीमारी, तेज़ बुख़ार, डेंगू, टाइफ़ॉइड, सर्जरी, किसी अपने का बिछड़ना, एक साथ बड़ी संख्या में बालों की जड़ों (फ़ॉलिकल्स) को आराम की अवस्था में धकेल सकती है, जिससे दो से तीन महीने बाद अचानक बहुत ज़्यादा बाल झड़ते हैं। टेलोजेन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) कहलाने वाला यह पैटर्न ट्रिगर गुज़र जाने पर आमतौर पर ख़ुद सुधर जाता है; प्रसव के बाद का झड़ना भी, कंघी में जितना भी डरावना दिखे, ज़्यादातर माताओं में समय के साथ थम जाता है।
और फिर आनुवंशिकता है: पुरुषों और महिलाओं में पैटर्न हेयर लॉस (Pattern Hair Loss), जिसमें बालों की जड़ें बरसों में धीरे-धीरे सिकुड़ती जाती हैं। हर कारण का जवाब अलग है, इसीलिए अंदाज़े लगाना, या हर मरीज़ का इलाज एक ही तेल से करना, कोई समझदारी नहीं।
शाकाहारी घर, उपवास के हफ़्ते और बाल झड़ना
यहाँ बहुत से घरों में ज़्यादातर दिन शाकाहारी खाना बनता है, और चपाती, चावल और सब्ज़ी की थाली पेट भरने के लिए बिल्कुल काफ़ी हो सकती है, फिर भी उसमें प्रोटीन और आयरन कम रह जाता है। इसमें श्रावण या नवरात्रि के उपवास के खाने का दौर, शादी से पहले की कोई क्रैश डाइट, या खराड़ी और वडगाव शेरी में अकेले रहने वालों के टिफिन और कैंटीन के खाने का लंबा सिलसिला जोड़ दीजिए, तो कमी महीनों में चुपचाप बनती जाती है, अपनी खबर नहीं देती। ऐसा होने पर शरीर जिन चीज़ों में सबसे पहले कटौती करता है उनमें बाल शामिल हैं, इसीलिए बाल झड़ना अक्सर बाकी सब से पहले कंसल्टिंग रूम तक पहुँच जाता है।
सुधार शायद ही कभी नाटकीय होता है। दाल, दही, पनीर, अंकुरित अनाज, सूखे मेवे, अंडे अगर आप खाते हैं, और ज़्यादातर दिन कोई हरी सब्ज़ी, ये साल भर में किसी भी शेल्फ़ से खरीदे गए एक सप्लीमेंट से कहीं ज़्यादा काम करेंगे। अगर आप नियमित उपवास करते हैं तो छोड़ने की ज़रूरत नहीं, बस आगे पीछे के दिनों में ठीक से खाइए, और केस लेते समय हमें यह ढर्रा ज़रूर बताइए, क्योंकि इससे तय होता है कि हम आपकी रिपोर्ट में क्या देखेंगे। बाल हर चीज़ का जवाब धीरे देते हैं, होम्योपैथी (Homeopathy) का भी। बाल झड़ने के पीछे सिर्फ़ खानपान नहीं होता, पर जहाँ वह तस्वीर का हिस्सा है, वहाँ अहम यह है कि खाने में किया गया बदलाव महीनों तक टिके, न कि सलाह के बाद के पंद्रह दिन तक।
इलाज से पहले जाँच
बाल झड़ने का इलाज शुरू करने से पहले हीमोग्लोबिन और फ़ेरिटिन (Ferritin), थायरॉइड फ़ंक्शन, विटामिन B12 और विटामिन D की जाँच करा लेना समझदारी है, और अनियमित माहवारी या मुहाँसों वाली महिलाओं में हार्मोन की जाँच भी। हमारे क्लिनिक में यह आसान है: फिजिशियन, स्त्री-रोग विशेषज्ञ और त्वचा विशेषज्ञ होम्योपैथों के साथ एक ही छत के नीचे प्रैक्टिस करते हैं, इसलिए असली कारण अनुमान से नहीं, जाँच से पकड़े जाते हैं। एक नियम पर कोई समझौता नहीं: अगर आप पहले से थायरॉइड की दवा लेते हैं, तो उसे ठीक वैसे ही जारी रखें जैसी लिखी गई है। होम्योपैथिक इलाज उसके साथ-साथ चलता है, उसकी जगह कभी नहीं।
कॉन्स्टिट्यूशनल होम्योपैथी बाल झड़ने को कैसे देखती है
कॉन्स्टिट्यूशनल (Constitutional) इलाज उस इंसान को समझता है जिसके बाल झड़ रहे हैं। केस-टेकिंग में आपका खान-पान और पाचन, नींद, तनाव के पैटर्न, सिर की त्वचा की स्थिति, रूसी, खुजली, चिकनाई, पारिवारिक इतिहास, और झड़ने से पहले घटी घटनाएँ, सब शामिल होते हैं। इसी पूरी तस्वीर से आपके लिए एक व्यक्तिगत दवा चुनी जाती है, जिसका मक़सद है कमियों के सुधार के दौरान शरीर को सहारा देना और झड़ने की प्रवृत्ति पर ही काम करना। कई मरीज़ पाते हैं कि नींद, पाचन और तनाव सुधरने के साथ झड़ना धीरे-धीरे थमता है, और जहाँ जड़ें स्वस्थ बची हैं वहाँ धीमे-धीमे नए बाल भी आते हैं।
ईमानदारी एक बात साफ़ कहने की माँग करती है: जहाँ लंबे समय के पैटर्न गंजेपन में बालों की जड़ें ही ख़त्म हो चुकी हैं, वहाँ कोई भी चिकित्सा पद्धति उन्हें जादू से वापस नहीं ला सकती। एक ज़िम्मेदार होम्योपैथ आपके सिर की जाँच करके बताएगा कि आपके मामले में वास्तविक उम्मीद कितनी है, झूठा भरोसा बेचना उसका काम नहीं।
धैर्य, तस्वीरें और समझदारी की आदतें
बाल महीने में लगभग एक सेंटीमीटर बढ़ते हैं, और बिगड़ा हुआ झड़ने का चक्र किसी भी इलाज में पलटने में महीनों लेता है। प्रगति का अंदाज़ा रोज़ बाल गिनने से नहीं, बल्कि हर महीने एक जैसी रोशनी में ली गई तस्वीरों से लगाइए, और किसी भी इलाज को आठ से बारह हफ़्तों का उचित मौक़ा दीजिए। इस बीच कुछ आदतें आपके बचे हुए बालों की हिफ़ाज़त करती हैं:
- रोज़ पर्याप्त प्रोटीन लें, दाल, अंडे, पनीर, मेवे
- इलाज से पहले आयरन, B12, विटामिन D और थायरॉइड की जाँच कराएँ
- बाल धीरे से धोएँ, सिर पर बहुत गर्म पानी न डालें
- कसी हुई हेयरस्टाइल, स्ट्रेटनिंग और कलर कम-से-कम करें
- सात से आठ घंटे की नींद लें; तनाव को सचेत होकर सँभालें
- प्रगति मासिक तस्वीरों से आँकें, रोज़ की गिनती से नहीं
अगर बाल झड़ना आपको परेशान कर रहा है, तो एक और बोतल के बजाय सही जाँचों और इत्मीनान से लिए गए केस स्टडी से शुरुआत कीजिए। हमारे होम्योपैथ प्रुडेंट क्लिनिक, विमान नगर, पुणे में सातों दिन, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक परामर्श देते हैं, यहाँ 18 विशेषज्ञताओं के 16 डॉक्टर एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।



